तलाक़ पर हस्ताक्षर किए, अब वह घुटने टेककर भीख माँग रहा है

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अध्याय 84

लिलियाना मुस्कुराई और बोली, “मैं आपको नहीं जानती। हम तो अभी-अभी मिले हैं।”

“सच?” इंडिगो ने भौंहें सिकोड़ लीं। “और तुम्हारे कपड़े भी कुछ….”

लिलियाना ने बहाना बनाया। “मैं ज़रा बाहर होकर आती हूँ।”

लिलियाना के जाते ही थोड़ी देर बाद इंडिगो के पास एक फ़ोन कॉल आया। इंडिगो ज़रा-सी चौंकीं और जल्दी से मेरी...

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